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Tuesday, May 21, 2019

शंख एवं घंटे की ध्वनि

आप लोग देखते होंगे कि मंदिरों में सुबह-शाम शंख एवं घंटियां बजती हैं| एक -एक मंदिर में कई - कई घंटे लगे रहते हैं| क्या आपने इनके महत्व के बारे में कभी जानना चाहा है? नहीं, तो आइए जानें कि वैज्ञानिक दृष्टि से इनका क्या महत्व है?
शंख ध्वनि से लाभ- यह बात काफी पुरानी है| सन् १९२८ में बर्लिन विश्वविद्यालय ने शंख ध्वनि का अनुसन्धान करके सिद्ध किया कि प्रति सेकन्ड २६ घन फुट वायु शक्ति के जोर से बजते हुए शंख से निकलने वाली ध्वनि तरंगें १२००फीट दूरी तक की परिधि में आने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर देती है तथा २६०० फीट दूरी तक के बैक्टीरिया अक्रियाशील हो जाते हैं| बैक्टीरिया के अतिरिक्त इससे हैजा, गर्दन तोड़ बुखार तथा कमर ज्वर के विषाणु भी नष्ट होते हैं| जिस स्थान पर शंख बजता है, वह स्थान बैक्टीरिया रहित हो जाता है| मिर्गी, मूर्छा, बहरापन के लिए यह एक अचूक दवा बताई गई है| शिकागो के डॉ० ब्राइन ने भी इस तरह के अनेक परी़क्षण किए हैं|
घंटा ध्वनि से लाभ- वैज्ञानिक दृष्टि से घंटा ध्वनि के भी अनेक लाभ बताए गए हैं| मास्को सैनीटोरियम में घंटा ध्वनि का तपेदिक रोग के उपचार में सफल प्रयोग किया गया है| वैज्ञानिक प्रयोगों से सिद्ध हुआ है कि घंटे की ध्वनि से वातावरण में उपस्थित बहुत से हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं तथा वातावरण  शुद्ध हो जाता है|

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